Betul News: बैतूल। जनजातीय युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से जिले में टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के तहत 10 दिवसीय शिविरों की शुरुआत हो गई है। पहला शिविर सोमवार को भीमपुर में आयोजित किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में युवाओं और पात्र हितग्राहियों ने भाग लिया। शिविर में उन्हें विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, साथ ही आवेदन की ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जनजातीय समाज को मिलेगा फायदा
यह विशेष अभियान जनजातीय कार्य विभाग की पहल पर शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य बेरोजगार युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बैंकों के माध्यम से आसान ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे कृषि, पशुपालन, व्यवसाय या लघु उद्योग जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार स्थापित कर सकें।
ब्लॉकों में तय तारीखों पर लगेंगे शिविर
3 से 14 नवंबर तक जिले के विभिन्न ब्लॉकों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का क्रम इस प्रकार है –
रानीपुर – 4 नवंबर
भैंसदेही – 6 नवंबर
चिचोली – 7 नवंबर
कोलगांव – 8 नवंबर
शाहपुर – 10 नवंबर
आमला – 11 नवंबर
प्रभातपट्टन – 12 नवंबर
मुलताई – 13 नवंबर
बैतूल मुख्यालय – 14 नवंबर (अंतिम शिविर)
मौके पर ही होगी ऋण स्वीकृति
शिविरों में बैंक अधिकारी और विभागीय कर्मचारी मौजूद रहेंगे, जो लाभार्थियों के आवेदन स्वीकार करेंगे और मौके पर ही ऋण स्वीकृति प्रक्रिया पूरी करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल जनजातीय समाज के आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी, जिससे जिले के अनेक युवा स्वरोजगार की नई राह पर अग्रसर होंगे।






