Betul News: बैतूल। कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर बुधवार को शहर में मां माचना जयंती का भव्य आयोजन किया गया। ग्रीन सिटी स्थित माचना घाट को दीपों की रोशनी से सजाया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए। दीपदान, आरती और आतिशबाजी से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास (डी.डी.) उइके शामिल हुए। उन्होंने कहा कि देव दीपावली ज्ञान और समानता का संदेश देती है। उइके ने लोगों से अपील की कि वे माचना नदी को स्वच्छ रखने में सहयोग करें और इसमें कचरा फेंकने से बचें।
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने माचना नदी को बैतूल की “जीवनरेखा” बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 185 किलोमीटर लंबी यह नदी जिले के आधे हिस्से की प्यास बुझाती है, लेकिन शहर में प्रवेश करते ही इसका जल प्रदूषित हो जाता है। उन्होंने नागरिकों से अपने-अपने वार्ड में बहने वाले नदी के हिस्से की सफाई की जिम्मेदारी लेने की अपील की।
कार्यक्रम के तहत मां माचना सेवा समिति द्वारा प्राचीन माता मंदिर (गंज पेट्रोल पंप) से 121 फीट लंबी चुनरी यात्रा निकाली गई, जो दामा बाबा घाट पर संपन्न हुई। यहां मंत्री उइके, उपाध्यक्ष नागर और नगर पालिका अध्यक्ष पार्वती बारस्कर ने नदी का दुग्धाभिषेक कर दीपदान किया और मां माचना को चुनरी अर्पित की।
कार्यक्रम का संचालन शैलेन्द्र बिहारिया ने किया, जबकि समिति अध्यक्ष सरिता राठौर ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार जताया।






