Betul News: बैतूल। जिले की आशा और आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन राष्ट्रीय मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के नाम संबोधित किया गया, जिसमें प्रोत्साहन राशि सहित सभी बकाया भुगतान और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की गई है।
संघ ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनकी मांगे पूरी नहीं की गईं, तो 17 नवंबर 2025 से जिला मुख्यालय पर 24 घंटे का धरना शुरू किया जाएगा। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो एनएचएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन ‘हल्ला बोल’ आंदोलन किया जाएगा।
“तीन माह से नहीं मिला भुगतान”
संघ की जिला अध्यक्ष किरण कालभोर ने बताया कि प्रदेशभर में आशा एवं पर्यवेक्षक तीन-तीन माह से अपने मेहनताने का इंतजार कर रहे हैं। कई योजनाओं की प्रोत्साहन राशि भी बकाया है, जिससे कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों पर भी भुगतान न मिलने से आशा कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है।
किरण कालभोर का कहना है कि विभाग भुगतान में देरी के लिए हर साल “बजट और तकनीकी कारणों” का बहाना बनाता है। इससे भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ती है और मेहनत करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को उनका हक नहीं मिल पाता।
श्रमिक दर्जा और सुरक्षा लाभ की मांग
संघ ने बताया कि राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में आशा कर्मियों को श्रमिक का दर्जा, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया था, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें —
सभी बकाया वेतन और प्रोत्साहन राशि का तुरंत भुगतान केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई ₹1500 की राशि का एरियर सहित भुगतान प्रत्येक माह की 5 तारीख तक नियमित भुगतान वेतन भुगतान की स्लिप उपलब्ध कराना
29 जुलाई 2023 की ₹1000 वार्षिक वृद्धि का एरियर सहित भुगतान कार्य के दौरान दुर्घटना की स्थिति में ₹5 लाख और मृत्यु पर परिवार को ₹10 लाख की सहायता राशि किसी भी शिकायत पर निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्यमुक्ति की कार्रवाई संघ ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानती, तब तक आंदोलन चरणबद्ध रूप से जारी रहेगा।






