Betul Ki Khabar: बैतूल। तीन साल से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे एक स्थायी वारंटी को आखिरकार बैतूल पुलिस ने हरदा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी काका गोयल अग्रवाल (40) पर चेक बाउंस के दो मामलों में कुल आठ लाख रुपये का बकाया था। वह नाम बदलकर हरदा में रह रहा था।
एसपी वीरेंद्र जैन के निर्देश पर फरार और स्थायी वारंटियों की धरपकड़ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। थाना कोतवाली के अंतर्गत पाढर चौकी पुलिस ने यह सफलता हासिल की।
हरदा में बदल ली थी पहचान
चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक बसंत आहके ने बताया कि आरोपी पर सात लाख और एक लाख रुपये के दो अलग-अलग चेक बाउंस मामलों में न्यायालय से वारंट जारी हुए थे। इनसे बचने के लिए वह हरदा भाग गया था और वहां एक पेट्रोल पंप पर काम करते हुए अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने हरदा में दबिश दी और आरोपी को 11 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर बैतूल लाया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया।
दो अदालतों ने जारी किए थे वारंट
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बैतूल की दो अदालतों ने आरोपी के खिलाफ धारा 138, एन.आई. एक्ट के तहत वर्ष 2022 और 2025 में स्थायी वारंट जारी किए थे। लंबे समय से फरार रहने के कारण आरोपी की तलाश लगातार जारी थी।
इन अधिकारियों की रही भूमिका
आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज पाल, चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक बसंत आहके, प्रधान आरक्षक सियाराम पटेल और आरक्षक विष्णु चौहान की प्रमुख भूमिका रही।
पुलिस ने बताया कि जिले में स्थायी वारंटियों और फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा, ताकि सभी लंबित मामलों में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ सके।






