Betul Crime News : बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस के आरोपी दीपक धुर्वे को ग्वालियर स्थित मानसिक रोग आरोग्य केंद्र भेज दिया गया है। शनिवार को 11 पुलिसकर्मियों की टीम कड़ी सुरक्षा के बीच उसे लेकर रवाना हुई। आरोपी को ग्वालियर जेल के विशेष सेल में रखा जाएगा, जहां मानसिक रोगी कैदियों के उपचार और निगरानी की विशेष व्यवस्था उपलब्ध है।
पुलिस के अनुसार, दीपक का स्वभाव अत्यधिक आक्रामक था। उसे नियंत्रित रखने के लिए नींद की दवा दी गई और अर्द्धबेहोशी की हालत में ही ग्वालियर रवाना किया गया। पिछले दो दिनों से स्थानांतरण की प्रक्रिया चल रही थी।
19 फरवरी को किया था ट्रिपल मर्डर
सांवगा गांव निवासी दीपक धुर्वे ने 19 फरवरी को पिता राजू उर्फ हंसू धुर्वे (45), मां कमलती (40) और भाई दिलीप (23) की निर्मम हत्या कर दी थी। वारदात के बाद वह घर का दरवाजा बंद कर लाशों के पास बैठा रहा। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो दिल दहला देने वाला मंजर सामने था—फर्श और दीवारों पर खून के निशान, टूटी लकड़ी और सरिया, और एक कोने में चुपचाप बैठा आरोपी। पांच वर्षीय भांजा प्रशांत परते भी घायल मिला, जिसने पूरी घटना देखी। आरोपी ने घर की बिल्ली को भी मार डाला था।
दरवाजा तोड़कर पहुंची पुलिस
सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी पुलिस और फोरेंसिक टीम ने तीनों के शव बरामद किए। प्राथमिक जांच में आशंका जताई गई कि विवाद छोटे भाई से शुरू हुआ, बीच-बचाव में पिता और मां भी हमले का शिकार हो गए।

‘मेरे अंदर दैत्य है’ कहता था आरोपी
परिजनों के अनुसार, दीपक पिछले दो वर्षों से मानसिक परेशानी से जूझ रहा था। वह अक्सर कहता था कि उसके अंदर दैत्य या चुड़ैल घुस गई है। परिवार उसे झाड़-फूंक के लिए जाम सांवरी के हनुमान मंदिर ले गया और नागपुर में डॉक्टर को भी दिखाया गया। हाल ही में वह नागपुर से लौटा था।

पढ़ाई में तेज, लेकिन कम बोलने वाला
गांव में दीपक को शांत और पढ़ाई में तेज छात्र के रूप में जाना जाता था। शिक्षकों के मुताबिक वह कम बोलता था, लेकिन मेधावी था। परिवार का गांव में किसी से विवाद नहीं था।

थाने में भी हुआ हिंसक
टीआई देवकरण डहरिया ने बताया कि हिरासत में भी दीपक आक्रामक रहा और उसने पुलिसकर्मियों पर हमला करने की कोशिश की। पूछताछ में उसने हत्या स्वीकार की, लेकिन कारण नहीं बताया। जिला अस्पताल में मनोचिकित्सक डॉ. संजय खातरकर ने उसे गंभीर मानसिक रोगी बताया। उनके अनुसार, ऐसे मरीजों में भ्रम, डर, शक और आवाजें सुनाई देने जैसे लक्षण होते हैं, जिससे वे हिंसक हो सकते हैं।

कोर्ट वारंट के बाद ग्वालियर शिफ्ट
सीजेएम कोर्ट ने आरोपी का जेल वारंट जारी किया था, लेकिन बैतूल जेल में मानसिक रोगियों के लिए उचित व्यवस्था न होने के कारण उसे ग्वालियर स्थानांतरित किया गया। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे भेजा गया।
घटना के बाद नर्मदापुरम रेंज के आईजी मिथिलेश कुमार शुक्ला, कमिश्नर के.जी. तिवारी, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और एसपी वीरेंद्र जैन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इसे मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी का गंभीर उदाहरण बताते हुए ग्रामीण स्तर पर जागरूकता और उपचार व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता जताई है।
फिलहाल आरोपी का ग्वालियर मानसिक आरोग्य केंद्र में चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार शुरू किया जाएगा।






