Betul News : बैतूल में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 48 वर्षीय एक व्यक्ति के गले में मछली खाते समय करीब 6 सेंटीमीटर लंबा कांटा फंस गया। यह कांटा गले के बेहद संवेदनशील हिस्से एपिग्लॉटिस (उपकंठ) में गहराई तक चुभ गया था, जिससे मरीज को निगलने में तेज दर्द और गंभीर परेशानी हो रही थी। समय रहते डॉक्टरों की सतर्कता से मरीज की जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात मछली खाते समय अचानक यह कांटा मरीज के गले में फंस गया। इसके बाद उसे लगातार तेज दर्द और निगलने में कठिनाई महसूस होने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी जांच की तो पता चला कि लंबा और नुकीला कांटा एपिग्लॉटिस के पास काफी अंदर तक फंसा हुआ है।
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. ऋषि माहोर ने बुधवार शाम दूरबीन तकनीक की मदद से जटिल प्रक्रिया को अंजाम दिया। करीब 40 मिनट तक बेहद सावधानी से चले उपचार के बाद कांटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया के दौरान मरीज को बेहोश करने की जरूरत नहीं पड़ी।
डॉक्टरों के अनुसार यदि समय रहते कांटा नहीं निकाला जाता, तो गले के भीतर गंभीर संक्रमण, घाव और अंदरूनी नुकसान होने की आशंका थी। सूजन बढ़ने की स्थिति में मरीज को सांस लेने में भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। उपचार के बाद संक्रमण से बचाव के लिए मरीज को एंटीबायोटिक दवाएं दी गई हैं और उसकी हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गले के अंदर फंसे कांटे और उसे निकालने की प्रक्रिया दिखाई दे रही है
गौरतलब है कि ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. ऋषि माहोर इससे पहले भी कई जटिल मामलों का सफल उपचार कर चर्चा में रह चुके हैं। कुछ समय पहले उन्होंने एक युवती की नाक से कीड़े निकालकर सफल उपचार किया था। अब बिना बेहोश किए गले से मछली का कांटा निकालने का यह मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
