40 लाख की लागत से तैयार गार्डन के बाहर कचरे का अंबार, लोगों ने जताई नाराजगी
AMRUT 2.0 Scheme Multai : मुलताई के प्रभातपट्टन मार्ग और नेहरू वार्ड सीमा पर नगर पालिका द्वारा अमृत 2.0 योजना के तहत करीब 40 लाख रुपए की लागत से नया बगीचा तैयार किया गया है। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक इसे आम जनता के लिए नहीं खोला गया है। बगीचे में विभिन्न प्रजातियों के पौधे, बच्चों के लिए झूले, बुजुर्गों के लिए बेंच और आकर्षक रोशनी की व्यवस्था की गई है।
हालांकि, बगीचे के मुख्य द्वार पर फैली गंदगी और कचरे के ढेर ने लोगों की नाराजगी बढ़ा दी है। मार्ग से गुजरने वाले लोगों को हरियाली के बजाय बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस स्थान पर वर्षों से कचरा फेंका जा रहा है और बगीचा बनने के बाद भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
नगर पालिका ने कचरा फैलाने से रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाया है, जिसमें गंदगी फैलाने पर 2000 रुपए जुर्माने की चेतावनी दी गई है। इसके बावजूद लोग खुले में कचरा फेंक रहे हैं।
क्षेत्र में सड़क किनारे लंबे समय से खड़े वाहनों के कारण भी गंदगी बढ़ रही है। कई वाहन महीनों से वहीं खड़े हैं, जिससे बगीचा ठीक से दिखाई भी नहीं देता। इसके चलते आसपास सूअर और अन्य मवेशियों का जमावड़ा बना रहता है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
नगर पालिका के उपयंत्री महेश त्रिवेदी ने बताया कि क्षेत्र से नियमित रूप से कचरा उठाया जा रहा है और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब कचरा फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और बगीचे की सुरक्षा के लिए कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी।
इधर, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सीएमओ बंगले के पीछे स्थित चार साल पुराना बगीचा देखरेख के अभाव में पूरी तरह उजड़ चुका है। वहां लगे पौधे सूख गए हैं, जबकि ओपन जिम और बच्चों के झूले कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं। ऐसे में लोगों को आशंका है कि उचित देखरेख नहीं होने पर नए बगीचे का हाल भी पुराने बगीचे जैसा हो सकता है।
