Betul Child Death Case : सिरप कांड में बेटे को खोने वाले पिता भटक रहे दफ्तर-दफ्तर, इलाज के 2 लाख अब तक नहीं मिले

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Betul Child Death Case : सिरप कांड में बेटे को खोने वाले पिता भटक रहे दफ्तर-दफ्तर, इलाज के 2 लाख अब तक नहीं मिले बैतूल जिले के चर्चित सिरप कांड में अपने चार वर्षीय बेटे को खोने वाले एक पिता को सात महीने बाद भी इलाज में खर्च हुई राशि नहीं मिल सकी है। आमला विकासखंड के कलमेश्वरा गांव निवासी कैलाश यदुवंशी का आरोप है कि बेटे कबीर के इलाज में करीब दो लाख रुपए खर्च हुए थे, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, कैलाश यदुवंशी के चार वर्षीय बेटे कबीर की तबीयत कथित जहरीले सिरप के सेवन के बाद बिगड़ गई थी। परिवार 25 अक्टूबर को उसका चौथा जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही बच्चे को बैतूल के निजी चिरायु अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

परिजनों के मुताबिक इलाज के दौरान कबीर की हालत लगातार गंभीर होती गई। बच्चे के शरीर में ऑर्गन फेल्योर जैसी स्थिति बन गई थी। उसकी दोनों किडनियों का आकार बढ़ गया था और हीमोग्लोबिन भी एक ही दिन में 10 से घटकर 7 पर पहुंच गया था।

बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिवार उसे भोपाल ले गया। वहां से कबीर को नागपुर के नेल्सन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन सुधार नहीं होने पर उसे नागपुर एम्स रेफर किया गया। इलाज के दौरान 5 अक्टूबर को कबीर की मौत हो गई।

कैलाश यदुवंशी ने बताया कि बेटे के इलाज में निजी अस्पतालों में करीब दो लाख रुपए खर्च हुए। घटना के बाद गांव पहुंचे उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने परिवार को आश्वासन दिया था कि इलाज में खर्च हुई राशि सरकार द्वारा दिलाई जाएगी।

पीड़ित पिता का कहना है कि बच्चे की मौत के बाद शासन की ओर से चार लाख रुपए की सहायता राशि तो मिल गई, लेकिन इलाज का खर्च अब तक नहीं मिला है। पिछले तीन महीनों से वे विधायक, सीएमएचओ कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।

इस मामले में विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए हैं कि प्रकरण तैयार कर भोपाल भेजा जाए, ताकि आगे की कार्रवाई हो सके।

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