Multai News : बैतूल। मुलताई और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ने से किसान चिंतित हैं। पिछले एक सप्ताह से नीलगाय, जंगली सूअर और बंदरों के झुंड बड़ी संख्या में खेतों में देखे जा रहे हैं। गेहूं की कटाई के बाद बचे अनाज और पानी की तलाश में ये वन्यजीव गांवों की ओर रुख कर रहे हैं।
मालेगांव, चैनपुर और खरसाली जैसे गांवों के किसानों ने बताया कि सुबह-शाम जंगली जानवरों के झुंड खेतों में पहुंच रहे हैं। भीषण गर्मी के कारण वे पानी की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों तक आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस बार जानवरों की संख्या पहले से अधिक है, जिससे खेतों में बची हुई उपज को नुकसान हो रहा है और आगामी फसलों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जंगलों में जल स्रोत सूखने के कारण वन्यजीव भोजन और पानी की तलाश में गांवों की ओर आ रहे हैं। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
वन विभाग अलर्ट, पानी की व्यवस्था शुरू
वन विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ा दी है। रेंजर नितिन पवार के अनुसार, जंगलों में वन्यजीवों के लिए कृत्रिम जल स्रोत बनाए जा रहे हैं और प्राकृतिक जल स्रोतों की सफाई करवाई जा रही है, ताकि जानवरों को जंगल के भीतर ही पर्याप्त पानी और भोजन मिल सके।
उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में वन्यजीवों की नियमित निगरानी की जाएगी। विभाग का प्रयास है कि जानवर गांवों की ओर न आएं और उनका प्राकृतिक आवास सुरक्षित बना रहे। साथ ही किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।






