Betul News : बैतूल। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए नियमों के विरोध में सोमवार को बैतूल में सवर्ण समाज संगठन ने प्रदर्शन किया। संगठन से जुड़े लोग पहले बैतूल ऑडिटोरियम में एकत्रित हुए, जहां सभा आयोजित कर नियमों पर चर्चा की गई। इसके बाद पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि सरकार ऐसे नियम लागू कर समाज को बांटने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि इससे सवर्ण समाज और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति सहित अन्य वर्गों के बीच अनावश्यक तनाव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा कि समाज में सभी वर्गों के बीच आपसी भाईचारा बना रहना चाहिए।
15 जनवरी से लागू हुए नए नियम
ज्ञापन में बताया गया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 15 जनवरी 2026 से उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों में कॉलेज और विश्वविद्यालयों में शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने, जातिगत उत्पीड़न के मामलों में कार्रवाई करने और संस्थानों की जवाबदेही तय करने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
नियमों में संतुलन नहीं होने का आरोप
संगठन का कहना है कि इन नियमों में संतुलन का अभाव है। उनका आरोप है कि इससे कुछ छात्रों को बिना पर्याप्त जांच के दोषी ठहराए जाने की आशंका बन सकती है। उन्होंने मांग की कि इन प्रावधानों को वापस लिया जाए या उनमें संशोधन किया जाए।

आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि नियमों को वापस नहीं लिया गया तो समाज के स्तर पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। साथ ही कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

रैली की अगुवाई राकेश त्रिवेदी, ठाकुर जगदीश राघव, राजू खंडेलवाल, हेमंत पगारिया, दीपक भार्गव, मनोज भार्गव, अजय मिश्रा, पप्पी शुक्ला, धर्मेंद्र शुक्ला, हेमंत शर्मा, ब्रज पांडे, बंटी मोटवानी, राजू किलेदार और सौरभ राघव ने की। प्रदर्शन में ब्राह्मण, क्षत्रिय राजपूत, वैश्य, रघुवंशी, जैन, क्षत्रिय मराठा, कायस्थ, सिंधी और पंजाबी क्षत्रिय समाज सहित अन्य सवर्ण समाज के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।






