Multai News : मुलताई। ताप्ती नदी के उद्गम क्षेत्र में स्थित शनि तालाब और ताप्ती सरोवर के बहाव क्षेत्र को लेकर चल रहे विवाद के बीच शनिवार को प्रशासन द्वारा नाले की नपाई (सीमांकन) की जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बहाव क्षेत्र की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए जेसीबी मशीन लगाकर नाले की सफाई का कार्य भी कराया जा रहा है।
ताप्ती भक्त दिनेश कालभोर ने बताया कि सीमांकन से पहले बहाव क्षेत्र की सफाई इसलिए कराई जा रही है, ताकि नाले और ताप्ती नदी के वास्तविक प्रवाह क्षेत्र का स्पष्ट रूप से पता लगाया जा सके। सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बहाव क्षेत्र में हुए अतिक्रमणों को चिन्हित किया जाएगा, जिससे मां ताप्ती के प्राकृतिक प्रवाह को सुचारू करने में मदद मिलेगी।
बताया गया है कि मुलताई की ताप्ती विकास प्राधिकरण समिति ने इस संबंध में प्रशासन को एक आवेदन दिया था। आवेदन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 1917-18 के अभिलेखों के अनुसार मां ताप्ती नदी के प्रवाह क्षेत्र की भूमि खसरा क्रमांक 242 में दर्ज है, जिसका रकबा 0.58 एकड़ बताया गया है। आरोप है कि बाद में यह भूमि अन्य व्यक्तियों के नाम पर स्थानांतरित कर दी गई।
प्रतिवेदन में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि खसरा क्रमांक 560 में से भूमि विक्रय होने के बाद बने छह बंटाकनों में से किस खसरा नंबर और किस भूमिस्वामी के हिस्से से रकबा कम किया जाना है। इसी जटिलता के कारण मामले की विस्तृत जांच की आवश्यकता महसूस की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मां ताप्ती उद्गम स्थल कुंड से निकलने वाली नदी के प्रवाह क्षेत्र को बंद किए जाने की शिकायत पर प्रशासन ने जांच दल का गठन किया है। जांच दल के प्रभारी नायब तहसीलदार राजकुमार उईके को बनाया गया है।
जांच दल में राजस्व निरीक्षक कमल परते, शिवकुमार चौरासे, उपयंत्री योगेश आनेराव, पटवारी सोहब्बत धुर्वे, नरेंद्र चिल्हाटे, आशीष पंवार और मुकेश भारत के साथ नगरपालिका के सहायक राजस्व निरीक्षक रोहित करदाते व वीरेंद्र डहारे को शामिल किया गया है।
प्रशासन ने जांच दल को निर्देश दिए हैं कि वे स्थल निरीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।






