Betul News : बैतूल। शहर के प्रमुख चौक पर मंगलवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब नगरपालिका की टीम अशोक स्तंभ को जेसीबी मशीन से हटाकर कचरा वाहन में ले जाने लगी। इसकी जानकारी मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और विरोध करते हुए धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने इसे राष्ट्रीय प्रतीक व ऐतिहासिक स्थल का अपमान बताया। देखते-ही-देखते चौक पर भारी भीड़ जमा हो गई और चक्काजाम जैसी स्थिति बन गई।
सूचना मिलते ही सीएमओ सतीश मटसेनिया, एसडीएम अभिजीत सिंह और तहसीलदार पूनम साहू मौके पर पहुंचे। हालात को देखते हुए अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए तथा खुदाई की गई मिट्टी को यथावत भरवा दिया।
पांच करोड़ की पार्किंग का प्रस्ताव
सीएमओ सतीश मटसेनिया ने बताया कि नगरपालिका परिषद द्वारा यहां लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद चौक पर मौजूद सभी स्मारकों और प्रतीकों को पुनः उसी स्थान पर स्थापित किया जाएगा।
वहीं एसडीएम अभिजीत सिंह ने कहा कि स्तंभ हटाने की कोई विधिवत सूचना प्रशासन या उनके कार्यालय को नहीं दी गई थी, इसलिए कार्रवाई तुरंत रुकवाई गई।
विरोध के बाद थमा विवाद
कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई को जनभावनाओं और राष्ट्रीय प्रतीक के सम्मान के विरुद्ध बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों द्वारा काम रुकवाने के बाद धरना और चक्काजाम समाप्त कर दिया गया।
बताया जाता है कि इस स्थल का ऐतिहासिक महत्व है। स्वतंत्रता संग्राम के बाद यहां अशोक स्तंभ स्थापित किया गया था और वर्षों पहले इसी चौक पर भूमिपूजन के समय राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आगमन से जुड़ी स्मृतियां भी बताई जाती हैं। इसी कारण नागरिक इस स्थान को भावनात्मक व प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण मानते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे ऐतिहासिक स्थल को हटाना नगर के इतिहास और जनभावनाओं के प्रति असम्मान है।






