Betul News : बैतूल। शहर के बालाजीपुरम स्थित श्री रूकमणि बालाजी मंदिर में शुक्रवार को रजत ब्रह्मोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर गरुड़ पताका फहराई गई, जिसके साथ ही नौ दिवसीय ब्रह्मोत्सव की विधिवत शुरुआत हुई। मंदिर परिसर ढोल-नगाड़ों की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय हो उठा।
ब्रह्मोत्सव की शुरुआत गणेश पूजन से हुई। इस आयोजन में बालाजीपुरम के संस्थापक सेम वर्मा एवं उनका परिवार प्रमुख यजमान के रूप में उपस्थित रहा। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण इस शुभ अवसर पर पहुंचे। आयोजन समिति के अनुसार यह ब्रह्मोत्सव 23 जनवरी से 31 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा।
दक्षिण भारत से आए वैदिक आचार्यों का विशेष दल नौ दिनों तक पूर्ण विधि-विधान से हवन-पूजन और यज्ञ संपन्न कराएगा। ब्रह्मोत्सव के पहले दिन गणेश पूजन के साथ प्रथम सत्र आरंभ हुआ, जिसमें शुद्धिकरण एवं आह्वान मंत्रों के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए गए। दिन में दो सत्रों में यज्ञ की पूर्णाहुति दी गई, वहीं शाम को दूसरे सत्र में भी हवन-पूजन जारी रहा।
31 जनवरी को महा पूर्णाहुति
आयोजन समिति ने बताया कि प्रतिदिन चार सत्रों में पूजा-अर्चना और यज्ञ का आयोजन होगा। 27 जनवरी को यजमान कल्याण उत्सव संपन्न किया जाएगा, जबकि 28 जनवरी को शाम 7:30 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। ब्रह्मोत्सव का समापन 31 जनवरी को महा पूर्णाहुति के साथ होगा।
इस अवसर पर प्रदेशभर से संत-समाज, विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। संस्थापक सेम वर्मा ने बताया कि यह रजत ब्रह्मोत्सव बालाजीपुरम की आध्यात्मिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से इस महोत्सव में सहभागिता कर पुण्यलाभ अर्जित करने की अपील की। आयोजन के दौरान प्रतिदिन प्रकाश सज्जा, भंडारा और भजन-संध्या जैसे धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।






