Betul Ki Khabar: बैतूल। ट्रैकमैन कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ की बैतूल शाखा ने सोमवार से सहायक मंडल इंजीनियर कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यूनियन का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद रेलवे प्रशासन उनकी समस्याओं को लेकर उदासीन है।
पदोन्नति से लेकर पानी तक—कई मुद्दों पर फूटा गुस्सा
यूनियन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि इंजीनियरिंग विभाग में काम कर रहे ट्रैकमैनों को वर्षों से प्रमोशन नहीं मिल पाया है। इसके साथ ही, रेल कॉलोनियों की स्थिति बदहाल है—पानी की किल्लत, जर्जर आवास, और गंदगी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। संघ का आरोप है कि शिकायत करने पर कुछ कर्मचारियों को फोन पर धमकियां तक दी गई हैं।
सुरक्षा उपकरणों की कमी से जोखिम पर कर्मचारी
ट्रैकमैनों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा किट और आवश्यक उपकरणों की भारी कमी की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है। उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण कई बार हादसे घट चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। रेल ट्रैक की मरम्मत और देखरेख में निम्न गुणवत्ता के काम को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
स्थानांतरण और आदेशों में भेदभाव का आरोप
यूनियन ने आरोप लगाया कि ट्रांसफर और विभागीय आदेश अक्सर पक्षपातपूर्ण तरीके से जारी किए जा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में असंतोष और अविश्वास का माहौल बन रहा है। साथ ही रेल पार्क और बच्चों के खेलने के मैदान की मरम्मत जैसे मुद्दों को भी लंबे समय से टाल दिया गया है।
समाधान जल्द नहीं मिला तो बढ़ेगा आंदोलन
संगठन ने वरिष्ठ अधिकारियों से सभी शिकायतों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याएँ हल नहीं की गईं, तो धरने को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल दिया जाएगा।






