Betul News: बैतूल। जिले में अवैध कॉलोनियों का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मंगलवार को ग्राम उमरी में कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने की शिकायत पर प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम की कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजिंग के बढ़ते नेटवर्क पर सवाल फिर से खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार तहसीलदार जी.डी. पाटे को सूचना मिली थी कि उमरी गांव में कृषि भूमि पर प्लॉट काटे जा रहे हैं। सूचना पर पहुंची राजस्व टीम ने मौके पर देखा कि चंदनलाल के नाम दर्ज करीब 0.809 हेक्टेयर भूमि पर लेआउट तैयार किया गया है। जांच में यह जमीन कृषि प्रयोजन के लिए दर्ज पाई गई।
भूमि स्वामी को नोटिस की तैयारी
तहसीलदार पाटे ने बताया कि संबंधित भूमि स्वामी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। अब तक इस भूमि से जुड़े किसी नामांतरण या भू-उपयोग परिवर्तन का आवेदन तहसील कार्यालय में प्राप्त नहीं हुआ है। मौके पर पंचनामा बनाकर जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
जिले में 300 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां चिन्हित
इससे पहले आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने विधानसभा में अवैध कॉलोनियों का मुद्दा उठाया था। उनके सवाल के बाद प्रशासन ने पूरे जिले में सर्वे कराया था, जिसमें 345 अवैध कॉलोनियां चिन्हित हुई थीं। इनमें से 292 कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन कार्रवाई समय के साथ धीमी पड़ गई।
वर्तमान में बैतूल शहर और आसपास 90 से अधिक अवैध कॉलोनियां सक्रिय हैं। वहीं, आमला और मुलताई क्षेत्रों में भी कॉलोनाइजिंग का सिलसिला जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी भूमि उपयोग श्रेणी और अनुमति संबंधी दस्तावेजों की जांच जरूर करें, ताकि भविष्य में विवाद या नुकसान से बचा जा सके।






