Betul Crime News: बैतूल। बैतूल की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक जघन्य अपराध में बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने शनिवार को पूर्व एल्डरमैन और भाजपा नेता रमेश गुलहाने (74 वर्ष, पिता नामदेव गुल्हाने) को दोषी करार देते हुए, उसे उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक कारावास की सज़ा सुनाई। साथ ही, आरोपी पर दस हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह सनसनीखेज मामला वर्ष 2023 में कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था।
जघन्य कृत्य और डीएनए साक्ष्य
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह मामला 12 वर्ष से कम आयु की एक बालिका से जुड़ा है। बालिका ने शिकायत में बताया था कि आरोपी रमेश गुल्हाने उसे कई बार अपने घर बुलाकर दुष्कर्म करता था और इस कृत्य को छुपाने के लिए उसे पैसे देकर धमकी भी देता था।
बालिका के परिजनों को घटना की जानकारी होने पर उन्होंने कोतवाली थाने में त्वरित रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान, पुलिस ने आरोपी रमेश गुल्हाने के खिलाफ मामला दर्ज किया। यह मामला जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरणों की सरकारी सूची में शामिल था। अभियोजन पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों को मजबूत बनाते हुए डीएनए रिपोर्ट से भी घटना की पुष्टि हुई थी।
न्यायिक कार्रवाई और परिणाम
मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजी कार्रवाई पूरी होने के बाद, आरोपी ने कोतवाली पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था।
विशेष पॉक्सो न्यायालय बैतूल ने सुनवाई के बाद, अभियोजन पक्ष की विशेष लोक अभियोजक वंदना शिवहरे की प्रभावी पैरवी और प्रस्तुत किए गए अकाट्य सबूतों को आधार मानते हुए आरोपी रमेश गुलहाने को दोषी ठहराया। कोर्ट ने आरोपी को यह सज़ा सुनाकर समाज में एक सख्त संदेश दिया है।
यह भी उल्लेखनीय है कि इस दुष्कर्म की घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैला था, जिसके चलते बलवा, आगजनी और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में 10 युवकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था।






