Betul Ki Khabar: भौंरा क्षेत्र में मंगलवार देर रात करीब ढाई बजे यूरिया और डीएपी खाद से भरी एक पिकअप वाहन नाली में फंस गई। बताया जा रहा है कि वाहन ओवरलोड था, जिसके कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया। रात के सन्नाटे में हुई इस घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और उन्हें वाहन में खाद की भारी मात्रा देखकर अवैध परिवहन की शंका हुई।
कार्यकर्ताओं ने तत्काल घोड़ाडोंगरी विधायक को सूचित किया, जिन्होंने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यकर्ताओं का दावा है कि पिकअप में 160 बोरी यूरिया और 40 बोरी डीएपी खाद भरी हुई थी, जो कथित तौर पर अवैध रूप से बिक्री के लिए लाई जा रही थी।
पुलिस ने बताया खाद वैध, विधायक ने लगाया रिश्वत का आरोप
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहन की जांच की और बताया कि उसमें केवल 20 से 22 बोरी खाद थी, जो चालक शुभम (निवासी सुखतवा) के पास मौजूद बिल और कागजात के अनुसार वैध थी। पुलिस ने खाद को जब्त नहीं किया और केवल मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ₹500-₹500 के चालान बनाकर वाहन छोड़ दिया।
इस पर नाराज विधायक ने थाना प्रभारी पर पैसे लेकर गाड़ी छोड़ने का आरोप लगाते हुए एसपी से शिकायत की है। उनका कहना है कि अगर वाहन में अवैध खाद नहीं थी, तो फिर पुलिस ने रात में जांच पूरी किए बिना वाहन को छोड़ने की जल्दी क्यों की?
कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल
भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि रात करीब 3 बजे जब उन्होंने खुद गिनती की, तो वाहन में 200 बोरी खाद थी। उन्होंने पुलिस को स्पष्ट कहा था कि वाहन जब्त किया जाए, लेकिन सुबह 6 बजे जब वे वहां से लौटे, तो थोड़ी देर बाद ही पुलिस ने वाहन को छोड़ दिया।
वहीं, भौंरा चौकी प्रभारी नीरज खरे ने बताया कि वाहन इटारसी से डांडीवाड़ा जा रहा था और रास्ते में डीजल खत्म होने के कारण भौंरा में रुक गया था। उन्होंने कहा कि मौके पर जो खाद मिली, वह चालक के दस्तावेजों के अनुसार वैध थी।
मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है, और विधायक द्वारा की गई शिकायत के बाद वरिष्ठ अधिकारी पूरे प्रकरण की जांच में जुट गए हैं।






