Betul Samachar: मुलताई। किसान संघर्ष समिति की जिला कार्यकारिणी की बैठक बुधवार को आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जगदीश दोड़के ने की। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनीलम और प्रदेश अध्यक्ष एड. आराधना भार्गव विशेष रूप से मौजूद रहीं।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. सुनीलम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के एमएसपी पर खरीद के दावे भ्रामक और असत्य हैं। उन्होंने कहा कि संसद में किए गए दावों के विपरीत, किसानों को अभी भी उचित दाम नहीं मिल रहे हैं।
राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी शुरू
उन्होंने बताया कि समिति की आगामी प्रदेश कार्यकारिणी में राज्यभर में आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। मुख्य मांगों में एमएसपी की कानूनी गारंटी, भावांतर योजना खत्म करना, किसानों की कर्जमाफी और 12 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति शामिल हैं। आंदोलन की शुरुआत मुलताई में 11 से 13 नवंबर तक होने वाले तीन दिवसीय चेतावनी धरने से की जाएगी।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
बैठक के बाद समिति के पदाधिकारियों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि सोयाबीन और मक्का को समर्थन मूल्य से कम पर खरीदने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई की जाए, किसानों को फसल बीमा और राहत राशि दी जाए और सरकारी एमएसपी पर खरीदी सुनिश्चित की जाए।
सिंचाई और खाद की उपलब्धता पर भी जोर
किसानों ने रबी सीजन के लिए 12 घंटे दिन में बिजली, अस्थायी कनेक्शन, स्मार्ट मीटर बंद करने, और समय पर यूरिया, डीएपी, सुपर फास्फेट, जिंक व पोटाश उपलब्ध कराने की मांग रखी। साथ ही किसानों के सभी कर्ज माफ करने और फसलों की गलत गिरदावरी सुधारने की भी मांग की गई।






