Betul News : बैतूल। छात्र हितों को लेकर एनएसयूआई (NSUI) ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने छात्रसंघ चुनाव की बहाली, छात्रवृत्ति घोटाले की जांच और बैतूल मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मोड से हटाने की मांग उठाई। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेशाध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने किया।
शहीद भवन से रैली निकालकर जब कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन एनएसयूआई कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़कर कलेक्ट्रेट गेट तक पहुंच गए और कलेक्टर को ज्ञापन लेने बाहर बुलाने की मांग की।
हंगामे के बाद पुलिस ने प्रदेशाध्यक्ष चौकसे सहित करीब तीन दर्जन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
प्रदेशाध्यक्ष बोले — “सरकार को छात्रसंघ चुनाव से डर है”
आशुतोष चौकसे ने कहा कि सरकार छात्र राजनीति से घबराई हुई है, जबकि भाजपा के कई शीर्ष नेता खुद छात्र राजनीति से निकले हैं। उन्होंने कहा, “सरकार जानती है कि एनएसयूआई को छात्रसंघ चुनाव में भारी समर्थन मिलेगा, इसलिए जानबूझकर चुनाव टाले जा रहे हैं।”
एनएसयूआई नेताओं ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का काम कर रही है और बैतूल मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मोड में देना छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है।
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा, प्रदेश सचिव समीर खान, जिलाध्यक्ष जैद खान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि यदि मांगे जल्द नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।






